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नड्डा ने धर्म का मतलब आचार संहिता बताया, बोले- इसके बिना विवेकहीन है राजनीति


वडोदरा। भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने धर्म को लोगों का मार्गदर्शन करने वाली ‘आचार संहिता’ करार देते हुए कहा कि धर्म के बिना राजनीति बेमानी है। शुक्रवार को उन्होंने यहां एक कार्यक्रम में स्वामीनारायण संप्रदाय के अनुयायियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राजनीति को सबसे अधिक आवश्यकता धर्म की होती है। उन्होंने कहा, ‘‘समाज में ये प्रश्न बार-बार खड़ा होता है कि राजनीति का धर्म से संबंध क्या है। मेरा ये मानना है कि राजनीति धर्म के बगैर विवेकहीन है। उसका कोई अर्थ नहीं है। राजनीति हमेशा धर्म के साथ चलती है।’’

नड्डा ने आगे कहा, ‘‘और धर्म का मतलब है आचार संहिता। धर्म का मतलब है क्या करना और क्या नहीं करना। धर्म का मतलब है क्या उचित और क्या अनुचित। और इसलिए धर्म की सबसे बड़ी आवश्यकता है तो वो राजनीति में है। भाजपा हमेशा सकारात्मकता के साथ काम करती है और वही करती है जो देश और समाज के लिए अच्छा हो।’’

उन्होंने कहा कि जब भी विरोधियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नकारात्मकता फैलाकर रोकने का प्रयास किया तब प्रधानमंत्री विकास में सबको साथ लेकर और अधिक ऊर्जा के साथ आगे बढ़े। भाजपा नेता ने मोदी सरकार की कई उपलब्धियां गिनवाईं।